तेरा प्यार बन समदर इस दिल में कुछ इस तरह से ठहरा है
अब आसू भी भूल चुके है
इन आखो का पता ......
देख तेरे प्यार का गम कितना गहरा है.
तेरा प्यार बन समंदर इस दिल में कुछ इस तरह से ठहरा है.
माना की आने वाली बहार भी हिलोरे
बना जाती है इस दिल चन्द पल के लिए
पर दिल की गहरइयो में उतर कर देख
तेरे ही खामोशियों का पहरा
तेरा प्यार बन समंदर इस दिल में कुछ इस तरह सी ठहरा है.
थक हार कर अब हम भी चाहते है यही ..
की दिल का आशियाना बसे फिर से कभी ....
पर चढ़ता नहीं किसी और का रंग इस दिल पर
देख तेरे प्यार का रंग कितना गहरा है
तेरा प्यार बन समंदर इस दिल में कुछ इश तरह से ठहरा है. ........
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