वादा नही है मेरा तुझसे ..........ता -उम्र तेरा साथ निभाऊंगा ........
पर जब भी तू मुझे याद करेगी ......तेरे आखो से नमी बन के छलक जाऊंगा
सर्द रातो में बेचैन होगी जो तू कभी ..बन आसमा एक चादर तेरे सिने से लिपट जाऊंगा
भीड़ में खोये रहोगे गर कभी तुम ...बन के एक काफिर तेरी हर मंजिल बन जाऊंगा
थक जाएँगी ये जुबा तेरी ख़ुद को समजाते हुए ..बन प्यार का एक एहसास तेरे दिल में जगा जाऊंगा
फ़िर भी वादा नही है मेरा तुझसे ..........ता -उम्र तेरा साथ निभाऊंगा ........
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