Thursday, October 8, 2009

थक गया हु

थक गया हु तुझको याद करते करते ...
अब तुझे भी याद आना चाहता हु ..
होठो पे है कुछ खामोसी दबी कब से ...
अब हर साज बया करना चाहता hu...
कह नही सकता जिंदगी रही तो ...
कभी तुमसे मुलाकात ही सही पर होगी
जब की जानता हु तुमसे मिलता रहा
तभी तो मेरी जान ये जिंदगी रहेगी ...
तेरे गम में घुट घुट के मर रहा कब से
बस चंद सासे है तेरी बाहों में मरना चाहता हु
थक गया हु तुझको याद करते करते ॥
अब तुझे भी याद आना चाहता हु ..

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